

मेरा,आप सभी भारतियों से जो की देश में और विदेश में रह रहे हैं सप्रेम निवदेन एवं ...प्रेम पूर्ण ह्रदय से विनिती है की कृपया नया साल अपनी संस्कृति एवं रीती रिवाजों के अनुसार ही मनाएं एवं सभी प्रिय जनो को शुभकामनाएं दें ,जो की 4 APRIL 2011 को है,हम नाम के आजाद हुए हैं लेकिन मानसिकता अभी भी गुलामी में ही रह रही है,हमें दूसरों का ही सब कुछ अच्छा लगता है ,अपना कुछ भी नहीं ,अंग्रेजों का दिया हुआ नया साल हमें नहीं चाहिये,जब सारे त्याहोर हिन्दू रीती रिवाजों के अनुसार ही मानते हैं तो नया साल क्यों नहीं?? ,क्यों बार बार पश्चिमी सभ्यता अपनाने को ह्रदय करता है?? ,क्या हमारा अपना कुछ भी स्वाभिमान नहीं?? ,क्या इश्वर ने जो हमें दिया वो गौरवशाली नहीं?? ,जब अंग्रेजी विश्व dominating भाषा बन सकती है तो हिंदी क्यों नहीं ?? जब संस्कृत विश्व की प्राचीन भाषा है ,सभी भाषाओँ की जननी है ,जो की सारा विश्व जान चुका,फिर क्यों हम दूसरों पर निर्भय होते हैं क्या कमी है हम सब में ?? मेरे मित्र जनो बिना पतवार की नाव में सवार होना छोड़ दो,नहीं तो ये नदी का बहाव ऐसा बहा के ले जायगा की हमारा हम सब के पास कुछ भी अपना नहीं बचेगा ,में जनता हूँ की कार्य अताधिक कठिन है,क्यों ना हम आज से ही प्रयास करें ,सब को बताएं ,और अपना खोया हुआ आत्म सम्मान ,अपना गौरव वापस लायें ,माँ भारती को विजय विश्व गुरु बनाना है ,अखंडता के पद पर विराजमान करना है ,ये सब तभी होगा जब आप सभी लोग मेरा सम्पूर्ण सहयोग इस आन्दोलन में देंगे ,ये काम अपने ही घर से शुरू करना है,में बदलूँगा ,घरवाले बदलेंगे ,सभी मित्रजन बदलेंगे ,सारा समाज बदलेगा ,फिर सारा राष्ट्र अपने आप ही बदल जायेगा ,आप मेरे साथ कदम तो उठाओ ,बंद करो 1 JANUARY को NEWYEAR मानना ,ये मेरी आप सभी से हाथ जोड़ कर विनिती है और माँ भारती का आदेश भी ,आशा करता हूँ आप सभी प्रिय जानो का सम्पूर्ण सहयोग माँ भारती को प्राप्त होगा ,माँ भारती की जय , सभी राष्ट्र भक्त अपनी अग्रणी भूमिका निभायंगे और ये द्रश्य माँ भारती देखेगी ,हम सब गौरव का अनुभव करेंगे ,अपने लक्ष्य को पायंगे ,वन्देमातरम ,वन्देमातरम !!! भारत माता की जय ,जय हिंद ,जय श्री राम ,हर हर महादेव
Hindu New Year is celebrated according to the Hindu Lunar Calendar- Panchanga. The popular name of the Hindu New Year is Vikram Samvat. In the Indian Calendar, seasons follow the sun, months follow the moon and days both sun and moon. This era of Vikram Samvat began in 57 BC. To correspond with the solar calendar, 57 years are subtracted from the Hindu Year.
The origin of Hindu New Year relates to the legendary Hindu King Vikramaditya in 57 BC. According to the legend, King Gardabhilla (in 12th century CE) abducted a nun by the name of Saraswati. She was the sister of the famous Jain monk Kalakacharya. The helpless monk sought help of the Saka ruler in Sakasthana to defeat Gardabhilla. He was defeated and captivated by the Saka King. Though later released but Gardabhilla retired to the the forest where he was killed by a tiger. His son, Vikramaditya (brought up in the forest) later invaded Ujjain and pushed out the Sakas. Thus, to celebrate this event, he commemorated a new era called Vikram Samvat

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